Basic terminology of economic part 1

1511,2023

  अर्थव्यवस्था के संबंध में महत्वपूर्ण शब्दावली

⇒दोस्तों भारत की अर्थव्यवस्था में ज्यादातर शब्दों के मिनिंग से प्रश्न पूछा जाता है, यदि आपको शब्द का अर्थ पता है तो आगे के टॉपिक में कोई परेशानी नहीं होगी|

अर्थव्यवस्था से सम्बंधित शब्दावली :-

  1. आर्थिक संवृद्धि (Economic growth)
  2. आर्थिक विकास (Economic development)
  3. आर्थिक प्रगति (economic progress)
  4. समावेशी विकास (inclusive development)
  5. सतत विकास (Sustainable development)
  6. सकल राष्ट्रीय खुशी (GNH)
  7. बाजार (Market)
  8. वस्तुएं (Goods)
  9. मुद्रा ( money)
  10. पूँजी उत्पाद अनुपात (capital output ratio)
  11. कर(Tax), शुल्क(Duty) एवं फीस(Fees) में अंतर

⇒आइये एक-एक Terminology को समझते है, जहाँ से सीधे आपके परीक्षा में प्रश्न पूछे जाते रहे है :-

  1. आर्थिक संवृद्धि (Economic growth) :-  आर्थिक संवृद्धि से अभिप्राय किसी समयावधि  में किसी अर्तव्यवस्था में होने वाली वास्तविक आय की वृद्धि से है |
  • अर्थात उत्पादन में वृद्धि अर्थात अर्थव्यवस्था के आकार में वृद्धि
  • सामान्यत यदि सकल राष्ट्रीय उत्पाद, सकल घरेलु उत्पाद तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो रही हो तो इसका अर्थ है आर्थिक समृद्धि हो रही है|
  • परंतु आर्थिक समृद्धि की माप के लिए प्रति व्यक्ति आय को ही सबसे उपयुक्त माना जाता है।
  • यह मात्रात्मक विकास पर बल देता है |
  • भारत जैसे विकासशील देशों में आर्थिक संवृद्धि दर, आर्थिक विकास दर की तुलना में कम होती है |
  1. आर्थिक विकास (Economic development) : -  आर्थिक विकास से तात्पर्य उस प्रक्रिया से है, जिसके परिणाम स्वरुप देश के समस्त उत्पादन साधनों का कुशलतापूर्वक विदोहन होता है |
  • GDP में वृद्धि के साथ-साथ आर्थिक समानता हो अर्थात लाभ का न्यायसंगत वितरण हो |
  • इसमें राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय में निरंतर एवं दीर्घकालिक वृद्धि होती है तथा जनता के जीवन स्तर एवं सामान्य कल्याण का सूचकांक बढ़ता है अर्थात इस में आर्थिक एवं गैर आर्थिक दोनों चरों को शामिल किया जाता है |
  • आर्थिक चरणों में उपरोक्त वर्णित शामिल होते हैं तथा गैर आर्थिक आर्थिक चरणों के अंतर्गत सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्त्रोतों के गुणात्मक परिवर्तन शामिल होते हैं |
  • इस प्रकार आर्थिक संवृद्धि एक मात्रात्मक संकल्पना है, जबकि आर्थिक विकास एक गुणात्मक |
  • अतः कहा जा सकता है कि आर्थिक विकास एक व्यापक संकल्पना या प्रक्रिया है जिस में सकल राष्ट्रीय उत्पाद में कृषि का हिस्सा लगातार गिरता जाता है |
  • अवसंरचना के विकास पर बल दिया जाता है|

निष्कर्ष :-  आर्थिक संवृद्धि बहुआयामी हो अर्थात अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में विकास का प्रतिफल हो तथा आर्थिक संवृद्धि का जोर रोजगार सृजन पर हो परिणामतः लाभ का न्यायसंगत वितरण होता है, जिससे आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलता है |

  • आर्थिक संवृद्धि, आर्थिक विकास की पूर्ववर्ती शर्त है|
  • आर्थिक संवृद्धि, आर्थिक विकास की गारंटी नहीं है|
  • आर्थिक विकास, अर्थव्यवस्था के तीव्र वृद्धि के सूचक नहीं है |

⇒भारत में आर्थिक संवृद्धि या आर्थिक विकास हो रही है, इसके 2 मत है :-

मत 1 – भारत में केवल आर्थिक संवृद्धि हो रही है, क्योंकि : -

  • भारत में आर्थिक संवृद्धि तृतीयक क्षेत्र के विकास का प्रतिफल है अर्थात् संवृद्धि बहुआयामी नहीं हैं।
  • भारत पूंजीवाद की ओर अग्रसर है और पूंजीवादी व्यवस्था में बढ़ती प्रतिस्पर्द्धा के कारण उत्पादन लागत में कटौती पर बल दिया जाता है इसके लिए तकनीकीकरण पर बल, परिणामत: रोजगार का सृजन कम|
  • भारत में अरबपतियों की संख्या में वृद्धि तथा आर्थिक असमानता में वृद्धि
  • मानव विकास पर खर्च कम अर्थात शिक्षा स्वास्थ्य एवं आम जनता तक मूलभूत सुविधा की पहुंच पर खर्च कम
  • भारत में सबसे ज्यादा भूख से पीडित एवं कृणेषित लोग रहते|

मत 2 --  भारत में आर्थिक संवृद्धि के साथ आर्थिक विकास हो रहा है, क्योंकि :-

  • सरकार का उद्देश्य सभी क्षेत्रों के विकास को प्रोत्साहित करना है और मनरेगा जैसे रोजगार कार्यक्रम का संचालन कर रहा है |
  • विकास की मुख्य धारा में सभी को शामिल करने के लिए समावेशी विकास पर बल दिया जा रहा है|
  • मानव के गरिमामय विकास पर बल तथा आयुष्मान भारत, PDS, आवास योजना पर खर्च में वृद्धि किया जा रहा है |

 

 

03:48 am | Admin


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